राशन में क्रप्शन- गरीबों का निवाला हड़पने वाले किस 5 पीडीएस विक्रेताओं पर दर्ज हुई प्राथमिकी, पढ़ें पूरी खबर 

लाभुकों का अनाज खुले बाजार में बेचने का आरोप लगने के बाद जांच में खुलासा होने पर एक्शन आया अधिकारी, मचा हड़कंप 

Report by Nawada News Xpress 

नवादा / सूरज कुमार 

नवादा में पीडीएस बिक्रेताओं का काला करतूत ने सनसनी फैला दिया है। गरीबों का निवाला हड़प करने का मामला ने तूल पकड़ लिया है, जिसके बाद एक्शन आये अधिकारी ने कार्रवाई शुरू कर दी। यह मामला जिले के अकबरपुर प्रखंड क्षेत्र का है, जहां 5 जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी शशि भूषण कुमार ने पीडीएस दुकानदारों के विरूद्ध संबंधित क्षेत्र के थानों में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा के तहत 7-ईसी के तहत प्राथमिकी दर्ज कराया है। थाने में दिए गए अलग-अलग आवेदनों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी श्री कुमार ने बताया है कि अकबरपुर प्रखंड के पंचरुखी पंचायत के डीलर विपिन चौधरी के सार्वजनिक जन वितरण प्रणाली का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान गेहूं व चावल स्टॉक में शून्य पाया गया, जबकि पॉश मशीन के अनुसार बिक्रेता के यहां चावल और गेहूं मिलाकर 247.73 क्विंटल शेष होना चाहिए था। परंतु जांच के दौरान ऐसा कुछ भी नहीं मिला, इससे स्पष्ट होता है कि खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई है।

इसी प्रकार नेमदारगंज पंचायत के जन वितरण विक्रेता कृष्ण देव प्रसाद पर 301.97 क्विंटल, मोहन प्रसाद पर 206.15 क्विंटल, राजेंद्र प्रसाद शर्मा पर 162.2 क्विंटल तथा राजकुमार राम पर 189.65 क्विंटल अनाज खुले बाजार में बेचने का आरोप है।

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी श्री कुमार ने बताया कि बिक्रेता द्वारा कई लाभार्थियों के अंगूठे का निशान ले लिया गया, लेकिन राशन नहीं दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के आवेदन पर मामला दर्ज कर अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है।

इस सम्बंध में रजौली एसडीओ आदित्य कुमार पीयूष ने पीडीएस दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि पात्रों के राशन में गोलमाल नहीं होने दिया जाएगा। समय-समय पर कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। शिकायत मिलने पर जांच के बाद विभागीय कार्रवाई होगी।

वहीं, विभाग की इस कार्रवाई से राशन बिक्रेताओं में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि जिले के पीडीएस बिक्रेताओं द्वारा लाभुकों के अंगूठे का निशान ले तो लिया जाता था, लेकिन खाद्यान्न नहीं दिया जाता है और तो और पांच किलोग्राम के बजाय चार किलोग्राम दिया जाना तो आम है,

जहां तक रसीद की बात करें तो यह किसी को दिया ही नहीं जाता है। यह सारा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से हो रही है। यह पहला ऐसा अवसर है, जब एक साथ एक ही प्रखंड क्षेत्र के 5 पीडीएस बिक्रेताओं के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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