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बी.एड. के नए सत्र में गूंजा बड़ा संदेश! डॉ. शैलेश कुमार ने बताया—कैसे बनेंगे भविष्य के शिक्षक

त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन व मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन में सत्र 2026–28 का भव्य शुभारंभ, शिक्षक-निर्माण के साथ शिक्षा की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और सामाजिक जिम्मेदारी पर दिया गया जोर

Report by Nawada News Xpress/ नवादा सूरज कुमार

नवादा। बी.एड. सत्र 2026–28 की शुरुआत के साथ ही नवादा में भावी शिक्षकों के सामने शिक्षा के बदलते स्वरूप और उनकी बढ़ती जिम्मेदारियों की तस्वीर साफ कर दी गई। मॉडर्न शैक्षणिक समूह द्वारा संचालित त्रिवेणी कॉलेज ऑफ एजुकेशन एवं मॉडर्न कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कुन्ती नगर में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. शैलेश कुमार ने शिक्षक बनने की असली जिम्मेदारी पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षक सिर्फ विषय का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला व्यक्तित्व होता है। बी.एड. की पढ़ाई केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, नैतिकता, संवेदनशीलता, संचार-कौशल, तकनीकी दक्षता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे गुण विकसित करना जरूरी है। वहीं विशिष्ट अतिथि डॉ. के. नलिन शास्त्री ने कहा कि शिक्षक भावी पीढ़ी के निर्माता होते हैं। इसलिए शिक्षक-प्रशिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी ऐसे शिक्षकों को तैयार करना है, जो विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवीय संवेदना और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास कर सकें।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मां सरस्वती की वंदना से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। महाविद्यालय की ओर से सत्र के दौरान गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-प्रशिक्षण, नियमित कक्षाएं, शिक्षण-अभ्यास, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और आधुनिक शिक्षण तकनीकों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-शिक्षा के माध्यम से सक्षम, संवेदनशील और जिम्मेदार शिक्षकों के निर्माण का संकल्प लिया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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