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शादी की खुशियां मातम में बदलीं: बहन का कार्ड बांटने निकले भाई की सड़क हादसे में मौत, ऑटो सीख रहे किशोर ने भी गंवाई जान

नवादा में कुछ ही घंटों के अंतराल पर दो दर्दनाक सड़क हादसों ने उजाड़ दिए दो परिवार… कहीं बहन की डोली से पहले भाई की अर्थी उठी, तो कहीं ऑटो सीखने निकले किशोर की जिंदगी सड़क पर ही थम गई। पूरे जिले में मातम और गम का माहौल।

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। नवादा जिले में सड़क हादसों ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। एक ओर बहन की शादी के कार्ड बांटने निकला 18 वर्षीय युवक हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया, तो दूसरी ओर ऑटो चलाना सीख रहे 16 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। इन दोनों हादसों ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। पहली घटना नरहट थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के सिद्धार्थ कुमार उर्फ मोनू (18) की है। वह अपनी बहन की 29 जून को होने वाली शादी का निमंत्रण कार्ड बांटने राजगीर के सिथौरा गांव गया था।

करियना मोड़ के समीप अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल सिद्धार्थ को पहले राजगीर अस्पताल और फिर बिहारशरीफ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिद्धार्थ के पिता का एक वर्ष पहले ही निधन हो चुका था और अब वही परिवार का एकमात्र सहारा था। 25 जून को बहन का तिलक-फलदान और 29 जून को विवाह होना था, लेकिन जिस घर में शहनाई गूंजने वाली थी, वहां अब चीख-पुकार और मातम पसरा है। शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके की आंखें नम हो गईं।

वहीं दूसरी घटना रजौली थाना क्षेत्र के लोमस ऋषि पहाड़ी के समीप हुई, जहां ऑटो चलाना सीख रहे दो किशोर दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में डीह रजौली निवासी मुकेश कुमार (16) की मौत हो गई, जबकि उसका साथी प्रिंस कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। सुनसान इलाके में हादसा होने के कारण सूचना देर से मिली। परिजन दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल प्रिंस को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

रजौली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि नरहट क्षेत्र में हुए हादसे में अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। इन दोनों दर्दनाक घटनाओं ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नवादा में एक ही दिन दो परिवारों की खुशियां उजड़ गईं—कहीं बहन की डोली से पहले भाई की अर्थी उठी, तो कहीं ऑटो सीखने का सपना मौत के सफर में बदल गया।

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