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कौन थे गुलाबचंद साहू, जिनकी 28वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, सामाजिक योगदान को किया गया याद

श्रद्धांजलि सभा में मंत्री संतोष सुमन व सांसद विवेक ठाकुर ने अर्पित की पुष्पांजलि, करीब 500 बच्चों को पाठ्य सामग्री और हजारों लोगों के बीच बांटा गया प्रसाद

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। जिले के वरिष्ठ समाजसेवी एवं प्रतिष्ठित सामाजिक व्यक्तित्व स्वर्गीय गुलाबचंद साहू की 28वीं पुण्यतिथि पर इंदिरा गांधी चौक स्थित करू साहू सेवा सदन में श्रद्धांजलि एवं पुण्य स्मरण सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, व्यापारियों और साहू समाज के लोगों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों को नमन किया।

कार्यक्रम में बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह नवादा जिले के प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सुमन तथा नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने स्वर्गीय गुलाबचंद साहू के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रभारी मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि स्वर्गीय गुलाबचंद साहू का पूरा जीवन सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के लिए समर्पित रहा। उनके सामाजिक कार्य आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के जीवन, विचारों और सामाजिक मूल्यों से सीख लेने की जरूरत है।

वहीं सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि गुलाबचंद साहू का सामाजिक जीवन और समाज के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय था। उनके कार्यों से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने में पूर्वजों और अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है और उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। कार्यक्रम में विधान पार्षद अशोक यादव, बिहार सरकार के अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य संजय दास सहित कई गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

स्वर्गीय गुलाबचंद साहू के पौत्र, भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक एवं बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कार्यकारिणी सदस्य रवि गुप्ता ने कहा कि उनके दादाजी ने 1970 के दशक से ही सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी। कोलकाता के बाद बाजार क्षेत्र में शिव मंदिर के निर्माण सहित अनेक सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके कार्यों ने समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव मजबूत की और आज भी उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

स्मृति में पौधारोपण, बच्चों को बांटी गई पाठ्य सामग्री

कार्यक्रम के दौरान पटना महापौर के प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता शिशिर कुमार तथा जिला परिषद सदस्य अजीत यादव ने साहू सदन परिसर में स्वर्गीय गुलाबचंद साहू की स्मृति में पौधारोपण किया। शिशिर कुमार ने कहा कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने साहू समाज के लोगों से एकजुट होकर उनके सामाजिक आदर्शों और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इसके बाद करीब 500 बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया। वहीं इंदिरा गांधी चौक स्थित साहू सदन में हजारों लोगों के बीच खीर-पूरी के प्रसाद का वितरण हुआ।

परिवार के सदस्यों ने भी अर्पित की श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा में स्वर्गीय गुलाबचंद साहू की पुत्रियां तेतरी देवी, शकुंतला देवी, कमला देवी, नीतू देवी (पूर्व मुखिया, कादिरगंज), मालती देवी, कंचन देवी एवं तृप्ति गुप्ता सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने भावुक होकर अपने प्रिय परिजन को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में रवि गुप्ता, अंबिका प्रसाद, मुन्ना कुमार साहू, ईश्वर लाल साहू, पिंटू साव, लक्की नारायण गुप्ता, राज किशोर दांगी, डॉ. आरपी साहू, आनंद गौरव, राजेंद्र विशाल, रणजीत यादव, प्रताप रंजन, अजीत शंकर, अभिजीत सिन्हा, तेजस सिन्हा, विजय साहू, अधिवक्ता शशिभूषण सिंह, अधिवक्ता निरंजन बाबू,

अधिवक्ता मुरारी सिंह, मोहन सिंह चंद्रवंशी, पंकज कुमार मुन्ना, पारस कुमार सिंह, डॉ. शशिकांत कुमार, प्रो. सुनील कुमार गुप्ता, कमलेश कुमार साहू, कवि कुमार गुप्ता, राज गुप्ता, महेश कुमार वर्मा, नेजाम खां कल्लू, मनीष सिन्हा, कंचन कुमार साहू, संदीप कुमार, अंशुमान शर्मा, गोविंद कुमार, रॉकी कुमार, विजय कुमार साव, सत्येंद्र यादव, विजय कुमार आर्य, राजन नायक, किशोरी लाल नायक एवं गोरे लाल साहू सहित बड़ी संख्या में साहू समाज के बंधुगण, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, व्यापारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय गुलाबचंद साहू के सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा ने यह संदेश दिया कि समय भले बीत जाए, लेकिन समाज के लिए किए गए नेक कार्य और जनसेवा की विरासत हमेशा जीवित रहती है।

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