चीख-पुकार से दहला गांव, खेत-बधार में गिरी बिजली ने उजाड़ दिए कई परिवार; तीन मासूम बेटियों के सिर से उठा मां का साया
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में शुक्रवार को मौसम का कहर लोगों पर मौत बनकर टूटा। तेज आंधी, बारिश और आसमान से बरस रही बिजली ने अलग-अलग इलाकों में ऐसी तबाही मचाई कि कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजड़ गईं। कौआकोल और वारिसलीगंज क्षेत्र में वज्रपात की तीन अलग-अलग घटनाओं ने पूरे जिले को दहला दिया। इन हादसों में एक महिला और एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक दुधारू गाय भी वज्रपात की चपेट में आकर मर गई। घटना के बाद गांवों में मातम और दहशत का माहौल कायम है।

कौआकोल प्रखंड के बीझो गांव में शुक्रवार को उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब खेत में गोबर का मलवा फेंकने गई 36 वर्षीय सुलेखा देवी पर अचानक आसमान से मौत बनकर बिजली गिर पड़ी। वज्रपात इतना भयावह था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतका बीझो गांव निवासी शिवदानी सिंह की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि उनके पति चंडीगढ़ में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सुलेखा देवी अपने पीछे तीन पुत्री और एक पुत्र छोड़ गई हैं। घटना के बाद मासूम बच्चों की चीखें सुन ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।

इधर, वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बेल्ढ़ा गांव में भी वज्रपात ने एक परिवार की कमर तोड़ दी। गांव निवासी 45 वर्षीय किसान कौशल कुमार भैंस चराने बधार गए थे। तभी तेज गर्जन और बारिश के बीच उन पर बिजली गिर गई। गंभीर रूप से झुलसे कौशल को आनन-फानन में वारिसलीगंज सीएचसी लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी की शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

वहीं कौआकोल के भोरमबाग गांव में वज्रपात की चपेट में आने से टूकन चौधरी की दुधारू गाय की भी मौत हो गई। गाय बरगद के पेड़ के नीचे बंधी थी, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि पास में मौजूद बछड़ा बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की है।


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