वाराणसी में दबिश के बाद खुला काले साम्राज्य का राज, 1 किलो सोना-20 लाख कैश और स्कॉर्पियो बरामद, दो अन्य साथी भी चढ़ा पुलिस के हत्थे
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के नरहट बाजार का रहने वाला कुख्यात डकैत मो. अफजल आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। वर्षों से कई राज्यों की पुलिस को चकमा देने वाला यह शातिर अपराधी उत्तर प्रदेश एसटीएफ और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वाराणसी के सारनाथ इलाके से अपने दो खूंखार साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।

अफजल कोई मामूली लुटेरा नहीं, बल्कि करोड़ों के सोना लूट कांडों का मास्टरमाइंड माना जाता है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से करीब 912.22 ग्राम शुद्ध सोना, 20 लाख रुपये नकद, बिहार नंबर की लग्जरी स्कॉर्पियो और छह हाईटेक मोबाइल फोन बरामद किये हैं। जब्त स्कॉर्पियो अफजल के नाम पर रजिस्टर्ड बतायी जा रही है।
हजारीबाग बैंक डकैती का निकला मास्टरमाइंड, 4 किलो सोना लूटने की साजिश नवादा में हुई थी तैयार
24 अप्रैल को झारखंड के हजारीबाग जिले के बरही स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा में हुई सनसनीखेज डकैती ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। हथियारबंद बदमाशों ने बैंक कर्मियों को बंधक बनाकर करोड़ों का सोना और कैश लूट लिया था। जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात की पटकथा नवादा के अफजल ने लिखी थी। पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला कि अफजल का गिरोह “किलो से कम सोना” लूटने को अपने स्तर से नीचे मानता था।
15 मिनट में 36 किलो सोना लूटकर बना था ‘गोल्ड किंग’, 9 वर्षों में कई राज्यों में 50 किलो से ज्यादा सोना उड़ाने का आरोप
अफजल का अपराध जगत में नाम उस वक्त तेजी से उभरा, जब वर्ष 2013 में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मुथुट फाइनेंस में महज 15 मिनट के अंदर 36 किलो सोना लूट लिया गया था। इसके बाद 2015 से 2022 तक कोलकाता, गया, पटना समेत कई शहरों में वित्तीय संस्थानों और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को निशाना बनाकर 50 किलो से अधिक सोने की डकैतियों को अंजाम दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डकैती से कमाए गये काले धन को अफजल रियल एस्टेट में निवेश कर सफेद करता था।
कोयला कारोबार से शुरू हुआ था खूनी खेल, हत्या के बाद बना अंतरराज्यीय डकैत गिरोह का सरगना
अफजल का आपराधिक सफर वर्ष 2008 में धनबाद से शुरू हुआ। शुरुआत में वह कोयले के कारोबार से जुड़ा था, लेकिन व्यापारिक विवाद में कोलकाता के एक बड़े कारोबारी की हत्या के बाद उसकी जिंदगी अपराध की अंधेरी दुनिया में उतर गयी। जेल में रहने के दौरान उसकी दोस्ती पेशेवर डकैतों से हुई और बाहर आते ही उसने अपना खुद का अंतरराज्यीय गिरोह खड़ा कर लिया।

अब नवादा नेटवर्क की तलाश में पुलिस, ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड ले जाया गया अफजल
वाराणसी के सीजेएम कोर्ट में पेशी के बाद झारखंड पुलिस अफजल को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गयी है। अब पुलिस नवादा समेत बिहार और झारखंड में फैले उसके नेटवर्क, फाइनेंसरों और स्थानीय सहयोगियों की तलाश में जुट गयी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और गोल्ड डकैती गैंग से जुड़े कई सफेदपोश चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं।


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