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बहन की शादी से पहले उजड़ गया घर, अब पीड़ित परिवार का सहारा बने डॉ. अनुज सिंह, 50 हजार की मदद के साथ शिक्षा का भी दिया भरोसा

एक साल पहले पिता का साया उठा, शादी का कार्ड बांटने निकले बेटे की सड़क हादसे में मौत; नरहट के रामपुर पहुंचकर मां-बेटी को बंधाया ढांढस, बोले– “यह परिवार अब अकेला नहीं है”

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। बहन की शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। एक साल पहले पिता का साया सिर से उठ चुका था और अब बहन की शादी का निमंत्रण कार्ड बांटने निकले बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद नवादा के प्रख्यात समाजसेवी एवं शिक्षाविद डॉ. अनुज सिंह ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए नरहट प्रखंड के रामपुर गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की, उनका दुख साझा किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

ज्ञात हो कि गंगारामपुर निवासी स्वर्गीय रणजीत सिंह के पुत्र सिद्धार्थ की 24 जून को राजगीर स्थित आयुध फैक्ट्री के समीप हाईवा की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी। सिद्धार्थ अपनी बहन की 29 जून को होने वाली शादी का निमंत्रण कार्ड बांटने निकले थे। इससे पहले एक वर्ष पूर्व उनके पिता का भी बीमारी के कारण निधन हो चुका था। अब परिवार में केवल मां और बेटी ही बची हैं, जिनके पास जीवनयापन के लिए न जमीन है और न ही कोई स्थायी सहारा। घटना की जानकारी मिलने के बाद डॉ. अनुज सिंह ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें हिम्मत बंधाई। अपने सहयोगियों के माध्यम से उन्होंने मॉडर्न ग्रुप की ओर से तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही आश्वासन दिया कि परिवार की बेटी की शिक्षा सहित हरसंभव मदद के लिए वे हमेशा साथ खड़े रहेंगे।

डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि “समाज की असली पहचान यही है कि वह संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवारों का हाथ थामे। पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और हरसंभव सहयोग किया जाएगा।” डॉ. सिंह की इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। पचाढ़ा के पूर्व मुखिया महेश कुमार सिंह एवं पारस कुमार ने कहा कि दुख की इस घड़ी में मिला सहयोग पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत और संबल है। इस अवसर पर पारस कुमार, दिवाकर कुमार उर्फ गोपाल, बिपुल कुमार, दिलीप कुमार, ईश कुमार सहित गांव के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत सिद्धार्थ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति और पीड़ित परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

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