विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अनोखी पहल, हर न्यायिक पदाधिकारी को दिया गया एक-एक पौधा, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बोले: ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती से निपटने के लिए हर व्यक्ति जीवन में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), नवादा की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पौधरोपण कर हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही सभी न्यायिक पदाधिकारियों को अपने आवास अथवा कार्यस्थल पर लगाने के लिए एक-एक पौधा भी वितरित किया गया।

यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा आशुतोष कुमार झा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अरविन्द कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। पौधों की आपूर्ति जिला वन प्रमंडल कार्यालय, नवादा तथा भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, नवादा के सहयोग से की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार झा ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसके दुष्परिणाम अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए। वृक्ष ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर वातावरण प्रदान कर सकते हैं।

उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय गिरधारी उपाध्याय, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशगण, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारीगण, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी, किशोर न्याय परिषद के प्रधान दंडाधिकारी सहित न्यायालय परिवार के अनेक अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक, चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल, डिप्टी चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारी, स्थायी लोक अदालत के कर्मी तथा पारा विधिक स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस पहल ने यह संदेश दिया कि न्यायपालिका केवल न्याय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है।


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