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नवादा में मौत बनकर दौड़ रहे ई-रिक्शे! डायल-112 जवान की जान गई, नशे में धुत चालक ने पलटा ई-रिक्शा वाहन, नवादा में सड़कें बनीं ‘खूनी ट्रैक’

हाइवे पर प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से दौड़ रहे ई-रिक्शे, एक ही रात में दो बड़े हादसे; पुलिस जवान की ऑन ड्यूटी मौत, आधा दर्जन यात्री घायल

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में बेलगाम ई-रिक्शों का आतंक अब जानलेवा रूप ले चुका है। प्रशासनिक रोक, वाहन जांच अभियान और ट्रैफिक नियमों की सख्ती के तमाम दावों के बीच रविवार की रात नवादा की सड़कों पर ऐसा कहर टूटा कि एक डायल-112 जवान की जान चली गई, जबकि दूसरे हादसे में आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। लगातार हो रही घटनाओं ने साफ कर दिया है कि जिले में ई-रिक्शा अब लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि चलता-फिरता खतरा बन चुके हैं।

सबसे दर्दनाक हादसा नवादा-गया पथ पर नगर थाना क्षेत्र के महुली गांव के पास हुआ। डायल-112 में चालक सिपाही के पद पर तैनात पूर्व सैनिक शिव शंकर सिंह ड्यूटी के दौरान वाहन से उतरकर सड़क किनारे गए थे। लौटने के दौरान जैसे ही सड़क पार कर अपनी गाड़ी के पास पहुंचने लगे, तभी तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस महकमे में मातम पसर गया। मृतक नारदीगंज थाना क्षेत्र के नारदीडीह गांव के निवासी थे और भारतीय सेना में सेवा देने के बाद करीब दो वर्ष पूर्व डायल-112 में चालक सिपाही बने थे।

हादसे की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दुर्घटनाग्रस्त ई-रिक्शा को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है।सोमवार सुबह पुलिस लाइन में दिवंगत जवान को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। एसपी अभिनव धीमान समेत कई वरीय अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कई जवान अपने साथी को खोने के गम में भावुक नजर आए। एसपी ने परिजनों से मिलकर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

इधर, उसी रात नगर के सबसे व्यस्त प्रजातंत्र चौक पर एक और बड़ा हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नशे की हालत में तेज रफ्तार से यात्रियों को लेकर जा रहा ई-रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए, जबकि पश्चिम बंगाल निवासी उत्तम राय गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने किसी तरह ई-रिक्शा उठाकर यात्रियों को बाहर निकाला। हैरानी की बात यह रही कि मदद करने पहुंचे लोगों पर चालक के सहयोगियों ने ही हमला बोल दिया।

लोगों ने डायल-112 को सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है। लगातार हो रहे हादसों ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हाइवे पर प्रतिबंध के बावजूद आखिर ई-रिक्शे कैसे दौड़ रहे हैं? नशे और नाबालिग चालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? जनता की सुरक्षा में तैनात जवान की मौत के बाद भी अगर प्रशासन नहीं चेता, तो आने वाले दिनों में ये ई-रिक्शे और कितनी जिंदगियां निगलेंगे — यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है।

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