HomeBreaking Newsमौत बनकर घूम रहा था ‘सुनामी’...

मौत बनकर घूम रहा था ‘सुनामी’ झूला! आसमान से जमीन पर गिरा नवादा का लाल, चीखों से दहल उठा राजगीर मेला

परिवार के सामने पलभर में उजड़ गई जिंदगी • झूले से गिरते ही युवक की हुई दर्दनाक मौत • प्रशासन ने बंद कराए सभी बड़े झूले, संचालक पर एफआईआर दर्ज 

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार 

नवादा। आस्था, उत्साह और मनोरंजन के बीच चल रहे राजगीर मलमास मेले में सोमवार की शाम ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे मेले को सन्न कर दिया। तेज रफ्तार और 40 फिट की ऊंचाई पर घूम रहे ‘सुनामी झूले’ से गिरकर नवादा के एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मेले में अफरा-तफरी मच गई, चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा और देखते ही देखते खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। मृतक की पहचान नवादा जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र स्थित बिक्कु गांव निवासी सोनू सिंह उर्फ विपीन कुमार के 25 वर्षीय पुत्र अमन कुमार के रूप में की गई है।

बताया जा रहा है कि अमन अपने परिवार के साथ राजगीर मलमास मेला घूमने गया था। मेले में लगे चर्चित ‘सुनामी झूले’ पर वह सवार हुआ, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक सीट बेल्ट खुल जाने के बाद संतुलन बिगड़ने से वह झूले से नीचे गिर पड़ा। ऊंचाई से गिरते ही वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। परिजन और स्थानीय लोग तत्काल अमन को लेकर राजगीर अस्पताल पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए विम्स पावापुरी रेफर कर दिया गया।

लेकिन हालत लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे पटना रेफर कर दिया। परिजनों के मुताबिक पटना ले जाने के दौरान रास्ते में ही अमन ने दम तोड़ दिया। इस हादसे की खबर जैसे ही नवादा पहुंची, पूरे जिले में सनसनी फैल गई। गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिसने भी घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया। बताया जा रहा है कि राजगीर मलमास मेले में इस तरह का यह अब तक का सबसे बड़ा और दर्दनाक हादसा माना जा रहा है। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गई है। एहतियातन मेले में संचालित सभी बड़े झूलों को तत्काल बंद करा दिया गया है।

वहीं जिस ‘सुनामी झूले’ से गिरकर अमन की मौत हुई, उसके संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े मेले में सुरक्षा मानकों की जांच किस स्तर पर की गई थी? क्या झूले की तकनीकी जांच हुई थी? और यदि हुई थी तो इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? इन सवालों को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

You cannot copy content of this page