स्टेशन पर अगलगी का क्या है सच- नवादा के पुरानी रेलवे स्टेशन पर अगलगी की घटना क्यों है संदेह के घेरे में, पढ़ें पूरी खबर
रेल अधिकारी बता रहे शॉट सर्किट और बुक स्टॉल संचालक बता रहे जानबूझ कर लगाया गया आग
चार दमकल वाहनों से आग पर पाया गया काबू, अगलगी में पुराना प्लेटफॉर्म संख्या एक पर यातायात निरीक्षक कार्यालय व बुक स्टॉल जलकर हुआ राख
Report by Nawada News Xpress
नवादा / सूरज कुमार

साल के पहले ही दिन नवादा के पुरानी रेलवे स्टेशन पर भीषण अगलगी की घटना से एक तरफ जहां अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया था वहीं इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है। जिस तरह से देखते ही देखते आग की लपटें पुराना स्टेशन के एक नम्बर प्लेटफॉर्म पर रहे यातायात निरीक्षक का कार्यालय तथा बुक स्टॉल को अपने आगोश में लिया, वह जांच का विषय बन गया है।

आग की लपटें देखकर लोग दहशत में आ गए थे और इधर-उधर भागने लगे थे। इस घटना की जानकारी पर पहुंचे रेल अधिकारियों ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दिया, जिसके बाद अग्निशमन दस्ता चार दमकल के साथ घटनास्थल पर पहुंच घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

नवादा रेलवे स्टेशन के प्रबंधक अरूण कुमार ने बताया कि आग लगने की सूचना पर पहुंचे तो देखा रेल यातायात निरीक्षक का कार्यालय धू-धूकर जल रहा था, जिसमें कई महत्वपूर्ण कागजात के जल जाने की बात सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि शॉट सर्किट से पुराने रेलवे स्टेषन पर अगलगी की वारदात हुई है।

रेल यातायात निरीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जिस वक्त अगलगी की घटना हुई उस वक्त कार्यालय में कोई नहीं था, सभी लोग फिल्ड में काम कर रहे थे। हालांकि कुछ कागजात बचाया गया है, परंतु अभी इस अगलगी में कितना नुकसान हुआ है उसकी जांच किये जाने के बाद ही पता चल सकेगा। वैसे इस घटना की जानकारी रेलवे के उच्चाधिकारियों को दे दिया गया है।

बुक स्टॉल संचालक का दावा है कि आग लगी नहीं लगायी गई
इधर, पुराने रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नम्बर एक पर यातायात निरीक्षक कार्यालय के समीप रहे अशोक एंड कम्पनी बुक स्टॉल के संचालक लक्ष्मण प्रसाद के पुत्र महेन्द्र कुमार ने बताया कि हमारे बुक स्टॉल पूरी तरह से जलकर राख हो गया है, जिसमें करीब 15 से 20 लाख का नुकसान हुआ है।

उन्होंने बताया कि विभागीय प्रक्रिया के कारण नये रेलवे स्टेशन पर बुक स्टॉल को शिफ्ट नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले कई महीनों से बुक स्टॉल का विद्युत कनेशन कटा हुआ था, ऐसे में शॉट सर्किट का सवाल ही नहीं होता है, साथ उन्होंने बताया कि रेलवे का विद्युत वायरिंग इतना बेहतर होता है कि

कभी भी इस तरह से आग नहीं लग सकता है। उन्होंने दावे के साथ कहा कि यहां असमाजिक तत्वों द्वारा आग लगाया गया है, जिसकी जांच होने पर खुलासा हो पायेगा। गौरतलब हो कि नया रेलवे स्टेशन बनने के बाद यहां पर भिखारियों और असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। ऐसे में इस अगलगी की घटना ने सभी को सकते में डाल दिया है।


