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नवादा की बेटी ने रचा इतिहास: 10वीं-12वीं की जिला टॉपर अब बनी MBBS गोल्ड मेडलिस्ट, मॉडर्न स्कूल में हुआ भव्य सम्मान

CBSE में 98% और 97% अंक, पहली ही कोशिश में NEET में 650 स्कोर कर NMCH पटना पहुंचीं डॉ. अवनी जमुआर; गोल्ड मेडल जीतकर लौटीं तो मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में पुष्पवर्षा के बीच हुआ ऐतिहासिक स्वागत, डॉ. अनुज सिंह बोले— “मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से हर सपना होता है साकार”

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा की प्रतिभाशाली बेटी और मॉडर्न इंग्लिश स्कूल, कुंती नगर की पूर्व छात्रा डॉ. अवनी जमुआर ने अपनी मेहनत और लगन से एक बार फिर जिले का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिला टॉपर बनने के बाद अब उन्होंने नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH), पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई सभी विषयों में डिस्टिंक्शन के साथ पूरी कर गोल्ड मेडल हासिल किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर विद्यालय परिसर में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां सैकड़ों विद्यार्थियों ने पुष्पवर्षा कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज सिंह, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राओं ने डॉ. अवनी को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। पूरे परिसर में गर्व, उत्साह और प्रेरणा का माहौल देखने को मिला। डॉ. अवनी जमुआर ने मॉडर्न इंग्लिश स्कूल से ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की थी। उन्होंने सीबीएसई 10वीं में 98 प्रतिशत और 12वीं में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद पहली ही कोशिश में NEET परीक्षा में 650 अंक प्राप्त कर एनएमसीएच, पटना में प्रवेश पाया। एमबीबीएस की अंतिम परीक्षा में सभी विषयों में डिस्टिंक्शन प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मेहनत और समर्पण के सामने कोई भी मंजिल बड़ी नहीं होती।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज सिंह ने कहा कि डॉ. अवनी की सफलता नवादा के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि आज मॉडर्न इंग्लिश स्कूल में राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधन उपलब्ध हैं। इसके बावजूद कई विद्यार्थी और अभिभावक यह सोचकर बाहर चले जाते हैं कि सफलता केवल बड़े शहरों में ही मिल सकती है। डॉ. अवनी इसका जीवंत उदाहरण हैं कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत ईमानदारी से की जाए और सही मार्गदर्शन मिले तो नवादा में रहकर भी देश की बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

अपने संबोधन में डॉ. अवनी जमुआर ने अपने माता-पिता, गुरुजनों और विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे शिक्षकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और अनुशासित जीवनशैली सबसे बड़ी ताकत रही। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत की जाए तो कोई भी परीक्षा कठिन नहीं होती। उन्होंने छात्रों से आत्मविश्वास बनाए रखने और नियमित अध्ययन करने का आह्वान किया। समारोह के अंत में विद्यालय परिवार ने डॉ. अवनी जमुआर के उज्ज्वल चिकित्सकीय जीवन की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह सम्मान समारोह केवल एक छात्रा की उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि नवादा के हजारों विद्यार्थियों के लिए यह संदेश भी बन गया कि सपने बड़े हों तो उन्हें पूरा करने के लिए बड़े शहर नहीं, बल्कि बड़ा हौसला चाहिए।

 

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