HomeBreaking Newsनवादा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का...

नवादा में तेज रफ्तार ट्रैक्टर का तांडव: स्कूल से लौट रहे भाई-बहन को बालू माफिया के ट्रैक्टर ने रौंदा, बहन की हुई दर्दनाक मौत

जिंदगी और मौत से जूझ रहा भाई, आक्रोशित ग्रामीणों ने 5 घंटे तक रखा सड़क जाम, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा— बोले, “हेलमेट चेक में व्यस्त है पुलिस, मौत बांट रहे नाबालिग ट्रैक्टर चालक”

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। स्कूल से साइकिल पर घर लौट रहे भाई-बहन को तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने बेरहमी से रौंद दिया। हादसे में 13 वर्षीय छात्रा पूनम कुमारी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका चचेरा भाई नीतीश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया।

घटना बाघीबगडीहा-वारिसलीगंज पथ पर चुलहाय बीघा गांव के समीप हुई। बताया जा रहा है कि इंटर विद्यालय मंजौर में पढ़ने वाले दोनों बच्चे छुट्टी के बाद साइकिल से घर लौट रहे थे। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयावह थी कि पूनम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नीतीश गंभीर रूप से जख्मी होकर सड़क पर तड़पता रहा। स्थानीय लोगों ने उसे आनन-फानन में वारिसलीगंज सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए विम्स पावापुरी रेफर कर दिया गया।

बेटी का शव देखकर मां बार-बार हुई बेहोश, गांव में पसरा मातम

हादसे की सूचना मिलते ही स्वजन घटनास्थल पर पहुंचे। सड़क पर बेटी का शव देख मां रूबी देवी दहाड़ मारकर रोने लगीं और बार-बार बेहोश हो रही थीं। पूरे गांव में चीख-पुकार और मातमी सन्नाटा पसर गया।

5 घंटे तक सड़क जाम, ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने छात्रा का शव सड़क पर रखकर करीब पांच घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्नातक परीक्षा देकर लौट रहे और परीक्षा देने जा रहे छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि क्षेत्र में बालू ढोने वाले ट्रैक्टरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा। लोगों ने कहा कि अधिकतर ट्रैक्टर नाबालिग चालक चला रहे हैं, जो कान में ईयरफोन लगाकर और तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाते हुए सड़कों पर मौत बनकर दौड़ते हैं।

“कान में आईफोन, ट्रैक्टर पर स्पीकर… सड़क पर खुलेआम दौड़ रही मौत”

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वारिसलीगंज कृषि क्षेत्र होने के साथ-साथ बालू घाट और रेलवे रैक प्वाइंट का इलाका है, जिसके कारण सड़कों पर ट्रैक्टरों की भरमार है। इनमें बड़ी संख्या में नाबालिग चालक शामिल हैं। तेज रफ्तार, कान में ईयरफोन और ट्रैक्टर पर तेज आवाज में गाने— यही अब हादसों की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है। ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर शांति समिति की बैठक में ट्रैक्टरों की रफ्तार और नाबालिग चालकों की शिकायत की जाती है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ बाइक चालकों का हेलमेट चेक किया जाता है। इसी लापरवाही का नतीजा है कि आए दिन बेगुनाह लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

You cannot copy content of this page