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“आखिर डीएम ने खुद क्यों खाई फाइलेरिया की दवा?” डीएम के इस कदम के पीछे की पूरी कहानी जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर…

क्या नवादा फाइलेरिया मुक्त बनने की ओर बढ़ चुका है? नवादा में मेगा एमडीए अभियान के बीच जिला पदाधिकारी का बड़ा संदेश, दवा सेवन कर तोड़ी अफवाहों की दीवार!

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर चल रहे मेगा एम.डी.ए. अभियान के बीच उस वक्त सबकी नजरें ठहर गईं जब नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने अपने ही कार्यालय कक्ष में फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन किया। सवाल उठने लगा—आखिर डीएम को खुद दवा खाने की जरूरत क्यों पड़ी?

दरअसल, 10 फरवरी 2026 से जिले में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम चल रहा है। 11 फरवरी को आयोजित मेगा कैंप में बूथ लगाकर हजारों लोगों को स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में डायएथाइलकार्बामाज़ीन साइट्रेट (डीईसी) और एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई।

लेकिन कुछ जगहों पर लोगों में दवा को लेकर आशंकाएं देखी गईं। इसी भ्रम को तोड़ने और लोगों में विश्वास जगाने के लिए डीएम ने खुद दवा खाकर बड़ा संदेश दिया—“फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं, सामान्य बीमारियों से ग्रसित लोग भी इसका सेवन कर सकते हैं।”

सिविल सर्जन विनोद कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि दवा खाली पेट नहीं खानी है और दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। साथ ही किसी भी असुविधा की स्थिति में हर प्रखंड में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात है।

यह अभियान नवादा जिले के छह प्रखंडों—मेंसकौर, गोविंदपुर, कौआकोल, काशीचक, नवादा सदर और अकबरपुर में चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को अपने सामने दवा खिलाएंगे।

दवा का वितरण नहीं, बल्कि मौके पर सेवन सुनिश्चित किया जा रहा है। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ आफ़ताब कलीम तथा डीपीएम अमित कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

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