नवरात्रि में अपराधियों ने पुलिस को दे दिया चुनौती, दो दिनों में हत्या की दो बड़ी वरदातों से कैसे थर्राया नवादा, पढ़ें पूरी खबर

प्रसिद्ध महिला चिकित्सक डॉ अरूंधती के नाती पुष्पांशु की गला रेतकर हत्या के बाद अब ग्रामीण चिकित्सक प्रकाश की अपहरण कर गोली मारकर हत्या की वारदात ने फैला दिया सनसनी

Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिले में नवरात्रि पर अपराधियों ने पुलिस को बड़ी चुनौती दे दिया है। पिछले दो दिनों में हुई दोहरी हत्या कांड से पूरा जिला थर्रा उठा है। पहले विख्यात महिला चिकित्सक डॉ अरूंधती के नाती पुष्पांशु कुमार की अज्ञात अपराधियों ने ग्लाइंडर मशीन से गला रेतकर हत्या कर दी।

उस सनसनीखेज वारदात की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के झौर गांव निवासी दिनेश प्रसाद के इकलौते बेटे 21 वर्षीय ग्रामीण चिकित्सक प्रकाश कुमार का अपहरण कर बेरहमी से हाथ-पैर तोड़ने के बाद कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। अपराधियों ने शव को नालंदा जिले के पावापुरी ओपी क्षेत्र की झाड़ियों में फेंक दिया था।

अपहरण से हत्या तक – खौफनाक सिलसिला

बताया जा रहा है कि 26 सितंबर की रात्रि करीब 9:30 बजे बाइक सवार अपराधियों ने प्रकाश को झौर गांव से अगवा किया। 27 सितंबर की शाम करीब 5 बजे – परिवार ने थाने में प्रकाश की गुमशुदगी की सूचना दी।

इसके बाद नालंदा पुलिस ने सूचना दी कि पावापुरी क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला है। जिसके बाद परिजन बिहार शरीफ सदर अस्पताल पहुंचे, जहां पहचान करने पर शव प्रकाश का निकला।

लगातार हत्याओं से सहमा नवादा

प्रकाश की हत्या ने जिले के लोगों में खौफ और आक्रोश दोनों भर दिया है। पुष्पांशु और प्रकाश की हत्या से जिले की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मां-पिता थे नानी के दाह संस्कार में

घटना के वक्त प्रकाश घर पर अकेला था। उसकी मां और पिता नालंदा जिले के कुम्हरूआ गांव में नानी के दाह संस्कार में गए थे। लौटने पर बेटे से संपर्क न होने पर परिजन को अनहोनी की आशंका हुई।

गांव में मातम और बवाल, सदमे में पूरा परिवार

शव गांव पहुंचते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। वारिसलीगंज-नेपूरा पथ को घंटों जाम कर हंगामा किया गया। पुलिस और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रण में हुआ। दूसरी तरफ इस घटना से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। मृतक की वृद्ध मां सुनैना देवी बेटे के शव के पास बार-बार बेहोश हो रही थीं। पिता दिनेश प्रसाद गहरे सदमे से दिमागी संतुलन खो बैठे। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस का दावा

पकरीबरावां एसडीपीओ रंजन कुमार भास्कर ने कहा— “दो दिनों में हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे। चाहे कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।”

नेताओं की पहल पर खुला जाम

झौर मोड़ पर हुए सड़क जाम को राजद नेता अशोक महतो, पूर्व विधायक प्रदीप कुमार, पूर्व जिला पार्षद अखिलेश सिंह, पूर्व मुखिया रामरतन सिंह और मनोज प्रसाद ने समझा-बुझाकर खुलवाया। वहीं बीडीओ डॉ. पंकज कुमार ने परिजनों को सरकारी मदद का भरोसा दिया।

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