बाढ़ शराबकांड के बाद नवादा बॉर्डर पर ‘ऑपरेशन नशा’! रातभर चला ताबड़तोड़ अभियान, कई नशेड़ी हिरासत में

झारखंड से बिहार में दाखिल होने वाले हर वाहन पर पैनी नजर… ब्रेथ एनलाइजर से जांच, शराब के साथ दो गिरफ्तार; पहले भी 125 लीटर विदेशी शराब बरामद कर चार भेजे गए थे जेल
Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार
पटना जिले के बाढ़ में शराब पार्टी के दौरान चार लोगों की मौत के बाद बिहार-झारखंड सीमा पर उत्पाद विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. बिहार झारखंड सीमा स्थित रजौली प्रखंड के चितरकोली समेकित जांच चौकी पर मंगलवार की शाम से उत्पाद पुलिस ने निगरानी तेज कर दी है.
झारखंड की ओर से बिहार में प्रवेश करने वाले छोटे-बड़े वाहनों की देर रात तक सघन जांच की गई. यह सीमा क्षेत्र में अवरोध और चोरी-चोरी प्रवेश की रोकथाम के लिए की गई है.
नवादा न्यूज़ के अनुसार ग्रुप सेंटर गया से पहुँची अतिरिक्त उत्पाद पुलिस ने भी अभियान में मोर्चा संभाला। यह टीम एक संगठित अभियान के क्रम में प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप कदम उठा रही थी, ताकि निरीक्षण और नियंत्रण दोनों गतिविधियाँ सुचारू रूप से चल सकें और लोगों की सुरक्षा बने रहे।
इसके अलावा उत्पाद इंस्पेक्टर अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में एसआई नागो लकड़ा, एएसआई धर्मेंद्र कुमार तथा ग्रुप सेंटर के एएसआई प्रिंस कुमार समेत उत्पाद बल और गृहरक्षक के जवान मौजूद रहे।

बॉर्डर पर हर संदिग्ध की जांच, ब्रेथ एनलाइजर ने खोली पोल
उत्पाद विभाग की टीम ने झारखंड से आने वाले संदिग्ध लोगों की ब्रेथ एनलाइजर से जांच की। जांच के दौरान कई वाहन सवार नशे की हालत में मिले, जिन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई। शराब के सेवन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जांच चौकी के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
उत्पाद विभाग के मुताबिक, मंगलवार की शाम से बुधवार की सुबह तक चले अभियान में आधा दर्जन से अधिक शराब सेवन करने वालों तथा बस में सवार दो लोगों को शराब के साथ पकड़ा गया।

सिर्फ बॉर्डर नहीं… जंगल और वैकल्पिक रास्तों पर भी नजर
उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा ने बताया कि मद्यनिषेध को प्रभावी बनाने के लिए झारखंड से सटे सीमावर्ती इलाकों में लगातार वाहन जांच की जा रही है। इसके अलावा गश्ती दलों को सक्रिय कर गुप्त सूचना के आधार पर जंगली इलाकों और वैकल्पिक मार्गों पर भी छापेमारी की जा रही है। शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और सेवन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पहली बार पकड़े गए तो जुर्माना, दोबारा पकड़े गए तो जेल
उत्पाद पुलिस के अनुसार शराब सेवन करते पहली बार पकड़े जाने पर आरोपी को अगले दिन न्यायालय में प्रस्तुत किया जाता है, जहां जुर्माना जमा करने के बाद उसे छोड़ा जा सकता है। वहीं दूसरी या उससे अधिक बार शराब पीते पकड़े जाने पर जेल भेजने की कार्रवाई की जाती है।

एक दिन पहले ही 125 लीटर शराब के साथ चार गिरफ्तार
उत्पाद विभाग की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार को भी कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान एक कार और बाइक जब्त करते हुए 125 लीटर विदेशी शराब और बीयर बरामद की गई थी। अब बाढ़ शराबकांड के बाद चितरकोली बॉर्डर पर बढ़ी सख्ती से साफ है कि उत्पाद विभाग किसी भी कीमत पर झारखंड से शराब लेकर बिहार में प्रवेश करने वालों को खुली छूट देने के मूड में नहीं है।

