भविष्य के लीडर्स ने संभाली कमान : आईआईएम बोधगया ने ऐसे किया पांचवें आईपीएम बैच का स्वागत, पढ़ें पूरी खबर
174 छात्र 2025-30 आईपीएम बैच में हुए शामिल, ओटीए गया में गतिविधियां और इंटेक के सहयोग से हुआ एक हेरिटेज वॉक, ओरिएंटेशन कार्यक्रम बना मुख्य आकर्षण का केंद्र
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

आईआईएम बोधगया में आयोजित एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम के साथ आईपीएम के अपने पांचवें बैच का स्वागत किया। इस कार्यक्रम ने संस्थान में छात्रों की शैक्षणिक यात्रा की औपचारिक शुरुआत को चिह्नित किया। इस वर्ष संस्थान ने 174 छात्रों को शामिल किया, जिनमें 59 लड़कियां और 115 लड़के शामिल हैं, जो भारत की भौगोलिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हैं, साथ ही 9 अंतर्राष्ट्रीय छात्र भी शामिल हुए।

चार दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम की हुई शुरुआत
4 दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद वर्चुअल कैंपस टूर और बैच प्रोफ़ाइल की प्रस्तुति दी गई। वहीं बिहार सरकार के मुख्य सचिव, आईएएस प्रत्यय अमृत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने छात्रों को किया प्रेरित : उन्होंने आने वाले बैच को संबोधित करते हुए छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे आईआईएम बोधगया में अपने समय को केवल शैक्षणिक खोज न मानें, बल्कि उसे नेतृत्व, विकास और उद्देश्य की एक यात्रा के रूप में देखें।

संस्थान की निदेशक ने नए बैच का किया उत्साहवर्धन
अपने संबोधन में संस्थान की निदेशक प्रो विनीता एस. सहाय ने शैक्षणिक यात्रा शुरू करने वाले नए बैच का उत्साहवर्धक शब्दों में स्वागत किया। उन्होंने कहा : “भारत वैश्विक दक्षिण का प्रतिनिधित्व करता है और हम दुनिया को आगे का रास्ता दिखाकर उसका नेतृत्व करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आप छात्र उस यात्रा का हिस्सा होंगे, एक ऐसी पीढ़ी के रूप में जो निर्णायक कदम उठाएगी।”

अतिथियों ने साझा किया अपना विचार
पीडब्ल्यूसी में पर्यटन विशेषज्ञ सलाहकार प्रियंको चक्रवर्ती और डेलाइट के निदेशक विकास चंद्रा ने कॉर्पोरेट अनुभव और अनुकूलनशीलता व भावनात्मक सूझबूझ के महत्व पर अपने विचार साझा किए। पूर्व छात्र रवि बरनवाल, आईबीएम में उत्पाद प्रबंधक और साई प्रसाद एसएन जो वर्तमान में न्यूजेन सॉफ्टवेयर में कार्यरत हैं, उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत की और अपने पेशेवर सफ़र के अनुभव साझा किए।

तीसरे दिन बिहार के पर्यटन रोजगार तंत्र पर हुई पैनल चर्चा
ओरिएंटेशन के तीसरे दिन बिहार के पर्यटन रोजगार तंत्र पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें वरिष्ठ उद्योगी नेता एवं नीति विशेषज्ञ शामिल हुए। इस चर्चा ने छात्रों को क्षेत्रीय विकास के अवसरों पर व्यापक दृष्टिकोण प्रदान किया। कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों के माध्यम से छात्रों को शैक्षणिक समितियों, संस्थागत सहयोग तंत्र और नीतियों से परिचित कराया गया।

अंतिम दिन छात्रों ने आउटबाउंड गतिविधियों में लिया हिस्सा
कार्यक्रम के अंतिम दिन छात्रों ने गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) में आउटबाउंड गतिविधियों में भाग लिया, जहां उन्हें देशभक्ति की भावना का जीवंत अनुभव हुआ। जिसमें इंटेक के गया चैप्टर के सहयोग से आयोजित हेरिटेज वॉक में हिस्सा लेकर छात्रों में बिहार के समृद्ध इतिहास और संस्कृति के प्रति गहरी संवेदनशीलता विकसित हुई।

संरचित समूह अभ्यास का हुआ आयोजन
आउटबाउंड सत्रों का मुख्य उद्देश्य नेतृत्व कौशल का विकास था, जिसके लिए संरचित समूह अभ्यास आयोजित किए गए। हेरिटेज वॉक में स्थानीय धरोहर विशेषज्ञों की भागीदारी रही, जिसमें विद्यार्थियों को क्षेत्रीय ऐतिहासिक स्थलों, आर्किटेक्चरल विशेषताओं एवं संरक्षण पद्धतियों से अवगत कराया गया। यह अनुभव मार्गदर्शित भ्रमण, संक्षिप्त व्याख्यानों और सहभागितापूर्ण सत्रों के माध्यम से प्रदान किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम एस्टोविया 4.0 के साथ हुआ
ओरिएंटेशन का समापन स्मृति-चिह्न वितरण, संकाय परिचय और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एस्टोविया 4.0 के साथ हुआ। इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम ने एक प्रेरणादायी और रूपांतरणकारी शैक्षणिक यात्रा की नींव रखी, जो भावी नेताओं की उस पीढ़ी को संवारने की दिशा में है, जो विविध दृष्टिकोणों और अटूट प्रतिबद्धता के साथ व्यापार परिदृश्य को आकार देने की आकांक्षा रखते हैं।

देश के पांच आईआईएम में एक है बोधगया का आईआईएम
आईआईएम बोधगया देश के पांच आईआईएम में से एक है, जो आईपीएम कार्यक्रम प्रदान करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को यह अवसर देता है कि वे तीन वर्ष बाद स्नातक डिग्री पूरी कर सकते हैं या आगे एमबीए तक अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। अब आईपीएम प्रोग्राम के 3 सेक्शन हो रहा संचालित : इस नए बैच के साथ, अब आईआईएम बोधगया में आईपीएम प्रोग्राम के 3 सेक्शन चल रहे हैं, जबकि पहले केवल 2 सेक्शन थे। इससे आईआईएम बोधगया देश के आईआईएम संस्थानों में छात्रों की संख्या के मामले में सबसे बड़े संस्थानों में से एक बन गया है।

