HomeBreaking Newsआप हो जाइये तैयार - नवादा...

आप हो जाइये तैयार – नवादा में 9 मई को होगा ‘न्याय का सुपर डे’ — लोक अदालत में झटपट निपटेंगे केस, मिलेगा तुरंत समाधान!

हर न्यायालय एक्टिव मोड में, सभी न्यायिक पदाधिकारी मैदान में—इस बार प्री-काउंसलिंग और ऑन-द-स्पॉट सुलह पर रहेगा खास फोकस

Report by Nawada News Xpress/ नवादा / सूरज कुमार

आम लोगों को सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय देने के उद्देश्य से 9 मई 2026 को व्यवहार न्यायालय, नवादा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सुलहनीय आपराधिक मामले, मापतौल, श्रमवाद, वनवाद, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक वाद (तलाक को छोड़कर), बैंक ऋण, टेलीफोन एवं बिजली विपत्र (बिजली चोरी को छोड़कर) सहित अन्य मामलों का त्वरित निष्पादन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने के लिए 10 अप्रैल 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा के प्रकोष्ठ में एक अहम बैठक आयोजित की गई।

यह बैठक प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा के निर्देश पर हुई, जिसमें नवादा न्यायमंडल के सभी न्यायिक पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम, द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, षष्ठ एवं सप्तम के साथ-साथ न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी—अनिता कुमारी, प्रज्ञा ऐश्वर्या, शत्रुंजय कुशवाहा, संतोष कुमार, सन्नी गौरव, आकांक्षा आनंद, दीक्षा एवं अनुराग ने भाग लिया।

सभी ने अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों की स्थिति साझा की और उनके निष्पादन के लिए रणनीति तय की। बैठक में न्यायालयवार मामलों की समीक्षा कर चिन्हित वादों को प्राथमिकता से निपटाने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से मापतौल, श्रम एवं वन वादों में सुलह के लिए तैयार मामलों में संबंधित पक्षकारों को शीघ्र नोटिस जारी करने पर जोर दिया गया।

इस बार क्या है खास?

इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत को और भी प्रभावी बनाने के लिए प्री-सीटिंग (पूर्व बैठक) पर विशेष जोर दिया गया है, जहां मामलों की पहले ही काउंसलिंग कर पक्षकारों को आपसी सहमति के लिए तैयार किया जाएगा। इससे 9 मई को मौके पर ही अधिकतम मामलों का निष्पादन संभव हो सकेगा। साथ ही जिन मामलों में पहले से सुलहनामा आवेदन दाखिल है, उनमें पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अधिक से अधिक मामलों को सुलह के जरिए समाप्त कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि आम जनता को त्वरित न्याय मिल सके।

क्यों है यह मौका खास?

लोक अदालत में न तो लंबी तारीखों का झंझट होता है और न ही अतिरिक्त खर्च—आपसी सहमति से एक ही दिन में विवाद खत्म होगा। जनता से अपील: जिनके मामले सुलह योग्य हैं, वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने विवादों का आसान और त्वरित समाधान पाएं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments

You cannot copy content of this page