चार लाख की मांग ने छीनी जिंदगी, ससुराल वालों पर गला दबाकर हत्या का आरोप, रोते-बिलखते पिता की पुकार – “मेरी लाडली को दहेज के दानवों ने मार डाला”
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

“बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ” के नारों के बीच एक और बेटी दहेज की बली वेदी पर चढ़ा दी गई। महज 24 वर्ष की फ्रुटी कुमारी की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। आरोप है कि शादी के बाद से ही चार लाख रुपये की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था — और आखिरकार उसकी जिंदगी ही छीन ली गई।

मामला कादिरगंज थाना क्षेत्र के ओहारी गांव का है। नेमदारगंज थाना क्षेत्र के गाजीपुर निवासी राम रतन सिंह ने अपनी पुत्री फ्रुटी कुमारी की शादी 21 अप्रैल 2023 को ओहारी गांव निवासी राजा कुमार के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज से, अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज देकर की थी। लेकिन पिता का कहना है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल पक्ष ने चार लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी।

“हाथ जोड़कर कहा था… बेटी को मत सताइए”
पीड़ित पिता राम रतन सिंह ने बताया कि वे ग्रामीणों के साथ बेटी की ससुराल पहुंचे थे। दामाद, ससुर, सास और अन्य परिजनों के सामने हाथ जोड़कर असमर्थता जताई थी। उन्होंने विनती की थी कि बेटी को प्रताड़ित न किया जाए। लेकिन आरोप है कि उनकी गुहार बेअसर रही और प्रताड़ना जारी रही। पिता का आरोप है कि 21 फरवरी 2026 को उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए।

इन पर लगा हत्या का आरोप
मृतका के पिता ने पति राजा कुमार, ससुर पंजाबी सिंह, सास मनीषा देवी, देवर गणेश कुमार, ननद काजल कुमारी व खुशी कुमारी तथा ननद के पति अनमोल कुमार (हिसुआ थाना क्षेत्र, बजड़ा गांव) पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सवाल जो समाज से जवाब मांग रहे हैं… क्या बेटियां आज भी सुरक्षित नहीं हैं? क्या दहेज की भूख यूं ही मासूम जिंदगियां निगलती रहेगी? कब रुकेगा यह लालच, कब बचेगी किसी की बेटी?

सदर अस्पताल में बेटी के शव के पास बिलखते पिता की आंखों से बहते आंसू इस समाज से इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। अब निगाहें पुलिस कार्रवाई और न्याय व्यवस्था पर टिकी हैं — कि क्या इस बार “दहेज के दानवों” को सजा मिलेगी, या फिर एक और बेटी की मौत आंकड़ों में दबकर रह जाएगी।


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