सूर्य की चाल ने बदली तारीख, रात 9:19 बजे बना निर्णायक मुहूर्त, दान-पुण्य, स्नान और पितृ तर्पण का श्रेष्ठ योग अब 15 जनवरी को
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाने वाला मकर संक्रांति पर्व इस बार अपनी तारीख और शुभ मुहूर्त को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों में बनी असमंजस की स्थिति को दूर करने के लिए विद्वान पंडितों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय सामने आया है।

ब्राह्मण महासभा के प्रवक्ता पंडित विद्याधर शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति का पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश (संक्रांति काल) पर आधारित होता है। इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात्रि 9 बजकर 19 मिनट पर हो रहा है। ऐसे में शास्त्र सम्मत रूप से मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाना ही पुण्यकारी होगा।

रात में बना योग, सुबह खुलेगा पुण्य का द्वार
पंडित शास्त्री के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात्रि काल में हो रहा है। शास्त्रों के अनुसार जब संक्रांति रात्रि में हो, तो अगले दिन पर्व मनाने का विधान है। इसी कारण इस वर्ष भी 15 जनवरी को ही दान, स्नान और पितृ तर्पण का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 14 जनवरी को षट्तिला एकादशी व्रत रहेगा और 16 जनवरी को खिचड़ी पर्व मनाया जाएगा। मौके पर महासभा के पांडेय अभिमन्यु कुमार, मोहन पांडेय, श्याम सुन्दर पांडेय, राजेंद्र पांडेय, मनोज मिश्रा, विष्णुदेव पांडेय, लक्ष्मण पांडेय, परमानन्द पांडेय तथा सूर्यदेव पांडेय आदि मौजूद थे।

पर्व से पहले बाजारों में उमड़ा आस्था का सैलाब
मकर संक्रांति को लेकर मंगलवार को शहर के बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। खासकर तिलकुट की दुकानों पर मेला जैसा माहौल रहा। पुरानी बाजार सहित अन्य इलाकों में तिलकुट खरीदने को लेकर लोगों में होड़ लगी रही। इसके साथ ही किराना दुकानों में चूड़ा, गुड़, तिल समेत अन्य सामग्री की जमकर खरीदारी हुई। सब्जी बाजार में भी दिनभर रौनक बनी रही, वहीं दूध और दही के लिए डेयरी स्टॉलों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं।


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