मुस्लिम–गैर मुस्लिम गरीबों तक घर-घर पहुंची राहत, 2012 से लगातार जारी है सेवा का सिलसिला
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच मानवता की मिसाल पेश करते हुए सहायता ट्रस्ट की ओर से बिहार राबता कमेटी के माध्यम से मजलिसुल उलेमा वल उम्माह फाउंडेशन के कार्यालय, अंसार नगर नवादा में कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुस्लिम एवं गैर-मुस्लिम जरूरतमंद गरीब पुरुषों और महिलाओं के बीच कुल 120 कंबल वितरित किए गए।

कंबल वितरण का यह कार्य मजलिसुल उलेमा के अध्यक्ष मौलाना अजमल क़ादरी, जावेद अख्तर, प्रोफेसर अतीक अहमद, मुफ्ती सबाह उद्दीन फलाही, क़ारी अनवर ज़की, मुफ्ती इनायतुल्लाह क़ासमी, ताज इकबाल (डायरेक्टर, इंपीरियल पब्लिक स्कूल अंसार नगर), शादाब हैदर, सुल्तान अख्तर, चंदन चौधरी सहित अन्य सम्मानित सदस्यों व कार्यकर्ताओं के हाथों संपन्न हुआ। कार्यक्रम के तहत कुछ जरूरतमंदों को कार्यालय बुलाकर कंबल दिए गए, जबकि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी थे जिन तक स्वयं पहुंचकर उनके घरों में कंबल वितरित किए गए।

जिले के हिसुआ प्रखंड के सीहीन व सिंघोली, रोह प्रखंड के रोह, मरूई, ताजपुर, पकरीबरावां प्रखंड के पकरीबरावां, बड्डीहा, बरैया गांव, नवादा शहर से सटे फरहा गांव सहित नवादा शहर के विभिन्न मोहल्लों में राहत सामग्री पहुंचाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हर धर्म मानवता, सेवा और करुणा की शिक्षा देता है। जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारों की सहायता करना ही सच्ची इबादत है। सेवा-ए-ख़ल्क़ के माध्यम से न केवल समाज को मजबूती मिलती है, बल्कि इंसान को आत्मिक सुकून और सवाब भी प्राप्त होता है। मौलाना अजमल क़ादरी ने बताया कि मजलिसुल उलेमा के सदस्य और कार्यकर्ता पहले जरूरतमंद लोगों की पहचान करते हैं, इसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि कंबल वितरण का यह सिलसिला वर्ष 2012 से लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने समाज के संपन्न व परोपकारी लोगों से अपील की कि वे इस सामूहिक सेवा कार्य में सहयोग कर गरीबों और बेसहारों के दुःख-दर्द में सहभागी बनें। मजलिसुल उलेमा के कार्यालय सचिव मुफ्ती इनायतुल्लाह क़ासमी ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष सहायता ट्रस्ट की ओर से 120 कंबल तथा मजलिसुल उलेमा की ओर से 62 कंबल जरूरतमंदों के बीच वितरित किए गए थे। इस वर्ष भी इसी भावना के साथ सेवा कार्य को आगे बढ़ाया गया है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर मानव सेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।


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