नवादा प्रशासन ने कुप्रथा के खिलाफ उठाया सख्त कदम, महिला को ‘डायन’ कहने वालों पर होगी सख़्त कार्रवाई, समाज में अंधविश्वास और कुप्रथा के खिलाफ प्रशासन का बड़ा संदेश
Report by Nawada News Xpress / नवादा / सूरज कुमार

नवादा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब किसी भी महिला को “डायन” कहकर प्रताड़ित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डायन प्रथा पर क़ानून के तहत कठोर दंड
किसी महिला को डायन बताने या इस आधार पर टिप्पणी करने वाले को तीन माह की जेल या एक हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों। महिला को डायन कहकर शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने वाले को छह माह की जेल या दो हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों। महिला को डायन बताने के लिए उकसाना या षड्यंत्र करने पर तीन माह की जेल या जुर्माना।

झाड़-फूंक, टोटका, ढोंगी उपचार करने पर एक वर्ष तक की जेल या दो हजार रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजा मिल सकती है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस अधिनियम के तहत सभी अपराध संज्ञेय एवं गैर-जमानती होंगे और किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।

जागरूकता के लिए विशेष अभियान
डीएम ने जीविका प्रबंधक को निर्देश दिया कि जीविका समूहों के माध्यम से डायन प्रथा उन्मूलन का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाए। शिक्षा विभाग सभी स्कूलों में चेतना सत्र कार्यक्रम आयोजित करेगा। वहीं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को पंपलेट, फ्लैक्स, नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया।

अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की भी हुई समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 124 मामलों में अनुमोदन, जिनमें से 121 मामलों में मुआवजा भुगतान। 47 पीड़ित परिवारों को छात्रवृत्ति/अन्य सुविधा उपलब्ध। हत्या से संबंधित 16 मामलों में प्रथम किश्त का भुगतान। कुल 1477 मामलों में प्रविष्टि, जिनमें से 1465 में प्रथम किश्त और 977 में अंतिम भुगतान किया गया। बैठक में पीड़ितों को समय पर राहत और न्याय दिलाने पर विशेष बल दिया गया।

मैनुअल स्कैवेंजिंग उन्मूलन पर समीक्षा
जिले में किसी भी प्रकार की मैनुअल स्कैवेंजिंग की सूचना नहीं। सीवर से संबंधित कोई नया मृत्यु मामला दर्ज नहीं। नगर परिषदों व पंचायतों के पास सक्शन-कम-जेटिंग मशीन उपलब्ध। सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित।

डीएम का समाज के नाम संदेश
डीएम रवि प्रकाश ने कहा–” समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से दूर रहकर महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। डायन प्रथा जैसी अमानवीय कुप्रथा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने जनता से आह्वान किया कि क़ानून के डर से नहीं, बल्कि जागरूकता और मानवीय मूल्यों के आधार पर इस कुप्रथा का अंत करें।

बैठक में ये अधिकारी रहे शामिल
अपर समाहर्त्ता डॉ. अनिल कुमार तिवारी, डीएसपी मुख्यालय, गोपनीय शाखा प्रभारी, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जीविका प्रबंधक सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। यह खबर समाज को यह संदेश देती है कि किसी महिला को ‘डायन’ कहना न केवल अपराध है बल्कि एक अमानवीय कृत्य भी है, जिसके खिलाफ अब प्रशासन और कानून दोनों बेहद सख्त हैं।

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